munsi premchan ki kahaniyan

​मुंशी प्रेमचंद की कहानी – वरदान | Munshi Premchand Story in Hindi

नमस्कार, इस article में मुंशी प्रेमचंद (Munshi Premchand) द्वारा रचित वरदान कहानी (Vardan Story) दी गयी है. (Vardan – Munshi Premchand Story in Hindi) वरदान कहानी विन्घ्याचल पर्वत मध्यरात्रि के निविड़ अन्धकार में काल देव की भांति खड़ा था। उस पर उगे हुए छोटे-छोटे वृक्ष इस प्रकार दष्टिगोचर होते थे, मानो ये उसकी जटाएं है… Continue reading ​मुंशी प्रेमचंद की कहानी – वरदान | Munshi Premchand Story in Hindi

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munsi premchan ki kahaniyan

Devi – short story

​रात भीग चुकी थी। मैं बरामदे में खड़ा था। सामने अमीनुद्दौला पार्क नींद में डूबा खड़ा था । सिर्फ एक औरत एक तकियादार बेंच पर बैठी हुई थी । पार्क के बाहर सड़क के किनारे एक फ़कीर खड़ा राहगीरों को दुआयें दे रहा था - खुदा और रसूल का वास्ता... राम और भगवान का वास्ता… Continue reading Devi – short story

munsi premchan ki kahaniyan

Vardan-story by munsi premchan

​विन्घ्याचल पर्वत मध्यरात्रि के निविड़ अन्धकार में काल देव की भांति खड़ा था। उस पर उगे हुए छोटे-छोटे वृक्ष इस प्रकार दष्टिगोचर होते थे, मानो ये उसकी जटाएं है और अष्टभुजा देवी का मन्दिर जिसके कलश पर श्वेत पताकाएं वायु की मन्द-मन्द तरंगों में लहरा रही थीं, उस देव का मस्तक है मंदिर में एक… Continue reading Vardan-story by munsi premchan