Real stories of great people

 दुनिया का सबसे अमीर इंसान

13 साल के ऐन्ड्रू ने एक कपड़े बनाने की फैक्ट्री मेंछोटी सी नौकरी कर ली जहाँ उसे 12 घंटे और

सातों दिन कठिन परिश्रम करना पढता , लेकिन

जिस इंसान में लगन होती है वही कोयले से हीरा

बनाने का माद्दा रखते हैं । ऐन्ड्रू काम से समय

निकाल कर सफल लोगों की कहानियां पढता

था उनसे प्रेरणा लेता था । धीरे -धीरे समय

बीतता गया , ऐन्ड्रू ने कुछ दिन बाद एक पोस्टमैन

की नौकरी भी की । शहर में बड़ी लाइब्रेरी थी

जहाँ किताबों का विशाल संकलन था । ऐन्ड्रू

वक्त निकाल कर लाइब्रेरी में पढता रहता था ।

यहाँ उसने कुछ इंटस्ट्री और बिज़निस के बारे में

सीखा , नौकरी करते हुए कुछ पैसे इकट्ठे किये और

धीरे धीरे स्टील बनाने वाली कम्पनीयों में

इन्वेस्ट करने लगे जिससे उन्हें अच्छी इनकम हो

जाती थी इसी तरह समय का चक्र चलता गया

और फिर ऐन्ड्रू ने एक दिन अपनी खुद की कंपनी

बनाने की सोची ।

यही सोचकर Carnegie Steel Corporation नाम

की एक कंपनी की स्थापना की शुरुआत में कंपनी

औसत रही लेकिन ये ऐन्ड्रू कार्नेगी की मेहनत और

लगन का ही नतीजा था की कुछ ही सालो में

ऐन्ड्रू स्टील किंग बन गए और बहुत जल्द उन्हें

Builders of America का अवार्ड मिला । एक

समय था जब ऐन्ड्रू कार्नेगी की अकेली कंपनी पूरे

ब्रिटेन से ज्यादा स्टील उत्पादन करती थी । और

इसी लगन ने एक दिन ऐन्ड्रू को बना दिया

“दुनिया का सबसे अमीर इंसान “, 1889 में ऐन्ड्रू

कार्नेगी को दुनिया का सबसे अमीर इंसान

घोषित किया गया ।

अपनी लगन और परिश्रम से ऐन्ड्रू ने इतिहास को

बदल कर रख दिया जिस व्यक्ति का परिवार एक

समय भुखमरी से जूझा हो उसके लिए दुनिया का

सबसे अमीर आदमी बनना एक मिशाल पेश करने से

काम नहीं हैं ।

तो मित्रों दृंढ निश्चय और मेहनत से पहाड़ो का

भी सीना चीरा जा सकता है बस जरुरत है अपने

आत्मविश्वाश को जगाने की

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