self improvement (self knowlege)

Live in the present (इस पल में रहi


कभी

ना कभी

हममें से

काफी लोग

मानसिक तनाव का शिकार

होते होंगे। अगर दिमाग में टेंशन थोड़ी देर के लिए हो

तो ठीक है लेकिन अगर ज्यादा समय तक रहे तो

भयंकर रूप ले लेता है। कभी कभी तो

इतना ज्यादा हो जाता है कि आपको डॉक्टर से मिलना पड़ जाता

है।

लेकिन तनाव असल में केवल विचारों की वजह से पैदा

होता ह

आदि हम अपने मन को देखें तो यह ज्यादातर या तो

पास्ट में रहता है या आने वाले समय (future ) में ।

Past और future में रहने से negativity

बढ़ती है , क्यूंकि पास्ट की

बातें शोक पैदा करती हैं और फ्यूचर

की बातें भय पैदा करती हैं ।

“Past bring tears, Future bring fears.

Enjoy the present moment , It brings

cheers”

अगर हम सिर्फ पास्ट और फ्यूचर के बारे में सोचते

रहते हैं तो हम अपना प्रेजेंट खो देते हैं, और

अभी इस पल में ख़ुशी से

नहीं जी पाते हैं ।

अपनी पुरानी बातों को सोचकर

दुखी न हों क्यूंकि वो बीत गया

है और अपने आने वाले समय के बारे में सोचकर

भयभीत न हो, वो अभी आया

नहीं है । अभी इस पल में

जियो और उसे सुन्दर बनाओ।

जो भी पूराने सामान हमे नहीं

चाहिए उसे निकाल दो, पुराने सामान से

हमारी यादें जुडी

रहती हैं और वह हमे बार बार

अपने past में ले जाता है । अपने आप को उसे से

मुक्त करें और present को आनंदमय बनायें । कई बार

हम अपने past और future के बारे में इतना ज्यादा

सोचते हैं की इस पल में क्या हो रहा

है वो हमे पता भी नहीं

चलता ।

हमे अपने मन को इस पल में रहने के लिए train

करना पड़ता है । मन का स्वाभाव होता है सोचना

और वो इधर उधर भागता ही रहता है

कभी अपनी ज़िन्दगी

की पुरानी बातें याद करता रहता

है और कभी यूँही आने वाले

समय के बारे में सोचता रहता है । योग और ध्यान से

हमारा मन ठहर जाता है । सुबह उठ कर ध्यान

करने के कई फायदे होते हैं ।

दिन में कुछ समय सिर्फ औने साथ ही

बिताएं , उस समय कुछ बही

नहीं करें , सिर्फ ऐसे ही

बैठें , गहरी सांस लें.. इससे हमारा मन

शांत होता है और हमारा stress भी

काम होता है ।

वर्तमान में कोई तनाव नहीं:- Live in present

अगर हम अपनी समस्याओं और तनाव (Tension)

के कारणों का विश्लेषण करेंगे तो पायेंगे कि हमारे 90% तनाव का

कारण भूतकाल में या भविष्यकाल में है| इसका मतलब यह है

कि वर्तमान में हमें कोई समस्या नहीं है और

हमारे तनाव का कारण या तो भूतकाल की कोई घटना है

या भविष्यकाल का डर (fear of future)|

भूतकाल के भूत को भूल जाइये – Forget The Past

अगर तनाव (Tension) का कारण भूतकाल में है तो इसका

मतलब यह है कि हम अभी भी

भूतकाल में अटके हुए है और हमने अभी तक

भूतकाल की घटना को स्वीकार

नहीं किया| जब तक हम उस घटना को

स्वीकार नहीं करेंगे तब तक हम तनाव

(Depression) रुपी वायरस को अपने दिमाग से हटा

नहीं पाएंगे| भूतकाल तो अब चला गया है और अब

इसका हम कुछ कर नहीं सकते| नकारात्मक सोच

(Negative Thinking) के घोड़े बार-बार दौड़ाने से अच्छा यह

है कि हम भूतकाल की उस घटना को सकारात्मक रूप

से स्वीकार कर लें|

भविष्यकाल का भविष्य तो वर्तमान ही तय करेगा

अगर तनाव (Tension) का कारण भविष्यकाल का कोई डर है तो

उसका भविष्य तो वर्तमान ही तय करेगा इसलिए अगर

हम वर्तमान में जियेंगे तो भविष्य अच्छा ही होगा

और अगर हम बार बार उस डर से डरते रहेंगे जो

अभी तक पैदा ही नहीं

हुआ तो फिर हम अपना वर्तमान ख़राब कर देंगे और हमारा

यही वर्तमान हमारा भविष्य ख़राब कर देगा|

कल का कोई वजूद नहीं:-

हम बोलचाल में “कल” शब्द का प्रयोग करते है जैसे “मैं कल

बाजार गया था” या “मैं कल आऊंगा”| लेकिन “कल” का कोई वजूद

नहीं है| जो भूतकाल का “कल” है वो तो चला गया

है और आज के दिन वह केवल एक स्वप्न है| जो आने वाला

“कल” है वह कभी नहीं आएगा, जो

भी आएगा वह “आज” बनकर ही

आएगा|

इसलिए बेहतर यह है कि हम हमारे मन के घोड़े को लगाम दें

और इसे “आज” में ले आएं नहीं तो इस घोड़े पर

“तनाव” रुपी वायरस सवार हो जाएँगे और यह वायरस

हमारे आत्मविश्वास (Self Confidence) को खोखला कर देंगा|

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