स्वास्थ्य ज्ञान, Health Related Articles in Hindi,

संतुलित भोजन-Balanced diet ( the secret of good health)



शरीर में विभिन्न पोषक तत्वों- कार्बोहाइड्रेट,

प्रोटीन, वसा, विटामिन और खनिज की

आवश्यकता मनुष्य की आयु, लिंग, शारीरिक श्रम

और शरीर की दशा पर निर्भर करती है। 

शारीरिक

श्रम करने वाले एक मजदूर को दफ्तर में काम करने

वाले व्यक्ति की अपेक्षा शक्ति प्रदान करने

वाले भोजन की कहीं अधिक आवश्यकता होती

है। 

गर्भवती औरतों और स्तनपान करने वाले बच्चों

की माताओं को शारीरिक परिवर्तनों के कारण

अधिक प्रोटीन और खनिजों की आवश्यकता

होती है।

इसलिए यह जरूरी है कि हर व्यक्ति अपनी आयु,

लिंग, काम की दशा आदि के अनुसार अपने भोजन

में सभी आवश्यक पोषक तत्व शामिल करे। मनुष्य

की इन आवश्यकताओं को पूरा करने वाले भोजन

को संतुलित भोजन (बैलेंस्ड फुड) कहते हैं।

संतुलित भोजन निम्नलिखित प्रकार का होता है-

जिसमें सही मात्रा में पोषक

तत्व हो।

जिसके अन्दर सही मात्रा में

सेलूलोज भी होता हो।

जिस भोजन में हर उम्र और

वर्ग के लोगों के लिए पूरी

कैलोरीज मिलती हो।

इसके साथ ही भोजन

सुगंधित, स्वाद ओर ऐसा हो

जिसको देखकर या सूंघकर ही

खाने को मन करें।

घी,तैल

से बनी चीजें जैसे

पूड़ी,पराँठे,छोले

भठूरे,समोसे

कचौड़ी,जंक फ़ूड,चाय,कॉफी ,कोल्ड ड्रिंक का

ज्यादा सेवन सेहत के लिए घातक है इनका

अधिक मात्रा में नियमित सेवन ब्लड प्रेशर

,कोलेस्ट्रोल,मधुमेह,मोटापा एवं हार्ट डिजीज

का कारण बनता है तथा पेट में

गैस,अल्सर,ऐसीडिटी,बार बार दस्त लगना,लीवर

ख़राब होना जैसी तकलीफें होने लगती हैं ,इनकी

बजाय खाने में हरी सब्जियां,मौसमी

फल,दूध,दही,छाछ,अंकुरित अनाज और सलाद को

शामिल करना चाहिए जो की

विटामिन,खनिज लवण,फाइबर,एव जीवनीय

तत्वों से भरपूर होते हैं और शरीर के लिए बहुत

फायदेमंद होते हैं l

चीनी एवं नमक का अधिक मात्रा में सेवन ना

करें,ये डायबिटीज,ब्लड प्रेशर,ह्रदय रोगों का

कारण हैं l

बादाम,किशमिश,अंजीर,अखरोट आदि मेवा

सेहत के लिए बहुत लाभकारी होते हैं इनका सेवन

अवश्य करें

पानी एवं अन्य लिक्विड जैसे फलों का ताजा

जूस,दूध,दही,छाछ,नींबू पानी,नारियल पानी

का खूब सेवन करें,इनसे शरीर में पानी की कमी

नहीं हो पाती,शरीर की त्वचा एवं चेहरे पर चमक

आती है,तथा शरीर की गंदगी पसीने और पेशाब

के दवारा बाहर निकल जाती है l

 खास वर्गों की खास जरूरत-

गर्भवती महिला, बच्चे को

दूध पिलाने वाली मां और

जन्म से लेकर 6 साल तक की

उम्र के बच्चे के भोजन में

पोषण की जरूरत सबसे

ज्यादा होती है क्योंकि

इसी भोजन से उनका

स्वास्थ्य अच्छा बनता है।
बचपन के बाद जवानी की

तरफ कदम रखने पर जब शरीर

तेजी से बनता है और उसे

वय:संधिकाल के बदलावों से

गुजरना पड़ता है उस समय

लड़के-लड़कियों के भोजन की

जरूरत अलग-अलग होती है

जैसे- ज्यादा पोषण और

रोगों से लड़ने की ताकत देने

वाले और उसके साथ शरीर

और दिमाग के अच्छे विकास

में सहायक।
बुढ़ापे में शरीर को अलग तरह

का भोजन चाहिए होता है

जैसे- रोग होने पर अलग और

ठीक हो जाने के बाद अलग।

भारत में पुरुषों को रोजाना 2400

calory की जरूरत

होती है और स्त्रियों को 1900।  पुरूषों को हल्के, भारी मेहनत

वाले काम करने के अनुसार यह मात्रा 75 से

300 कैलोरी तक हर घंटे की मेहनत के अनुसार

बढ़ती है। स्त्रियों में हल्के, भारी मेहनत

वाले कामों के अलावा उनकी यह जरूरत

गर्भकाल में पेट में पल रहे बच्चे के पोषण के

लिए और बच्चे को दूध पिलाने तक के समय में

बच्चे के पोषण के लिए भी बढ़ती है। इसी

तरह पुरूषों में कैलोरी की जरूरत 2200 से लेकर

3800 कैलोरी तक हो सकती है और स्त्रियों

में 1800 से 3000 कैलोरी तक।

  • Eat healthy,stay healthy
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